Share it

पंजाब में पहली बार स्ट्रीट जस्टिस का ऐसा खेल

एम4पीन्यूज|तलवंडी साबो/बठिंडा 

तलवंडी साबो में नशा सप्लायर के हाथ-पैर काटे, और फिर, तलवंडीसाबो और आसपास के इलाकों में नशा सप्लाई करने वाले युवक का गांव के कुछ लोगों ने वीरवार को हाथ-पैर काटकर कत्ल कर दिया। इससे पहले युवक को बुरी तरह पीटा था। पंजाब में इस तरह का पहला मामला सामने आया है जब नशा सप्लायर काे सरेआम मौत दी गई हो।

 

चिट्टा बेचने से भागीवांदर गांव के लोग इतने ज्यादा गुस्से में थे कि युवक को अधमरा करने के बाद भी वहीं रहे। एक घंटे बहस के बाद पुलिस युवक को अस्पताल ले जा पाई। इसके बाद भीड़ अस्पताल पहुंच गई, जहां 3 घंटे उसकी एंबुलेंस को रोके रखा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस युवक को फरीदकोट मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां युवक ने देर शाम दम तोड़ दिया। पुलिस ने युवक के बयानों के आधार पर भागीवांदर की सरपंच के बेटे राजू सिंह, गुरसेवक बड्डा सिंह समेत कई लोगों पर कत्ल का केस दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस ने बताया कि युवक पर नशा तस्करी के 5 केस दर्ज हैं और जेल भी जा चुका था।
नशा सप्लायर विनोद पर थाना तलवंडी साबो समेत कई थानों में एनडीपीएस एक्ट के दो केस, एक्साइज एक्ट के तहत एक केस मारपीट के दो केस दर्ज हैं। एक मामले में विनोद को जेल भी हुई थी। फिलहाल, जमानत लेकर विनोद बाहर आया हुआ था। इसके बाद वह फिर से चिट्टा बेचने में लग गया था। पुलिस के मुताबिक एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों में आरोपी विनोद कुमार से भारी मात्रा में नशीला पाउडर बरामद हुआ था।

22 साल का विनोद वीरवार सुबह तलवंडी साबो से अपने घर गांव लेलेवाला जा रहा था। जैसे ही वह लिंक रोड से गांव की ओर मुड़ा, ट्रैक्टर-ट्राॅली स्कार्पियो गाड़ी में सवार गांववालों ने उसे घेर लिया। इनके पास रिवाल्वर, रॉड, नलके की हत्थियां और गंडासे आदि थे। यह देखकर विनोद बाइक से घर की ओर भागने लगा। जैसे ही वह घर के बाहर पहुंचा तो लोगों ने उसे दबोच लिया। हमलावरों ने उसे स्कॉर्पियो में डाला और गांव भागीवांदर ले गए। जहां बीच सड़क गांववालों ने तेजधार हथियारों से विनोद के दोनों पैर और एक हाथ काट दिए। उसका हाथ कटकर लटक गया। विनोद के खून से लथपथ बुरी हालत में तड़पने के बावजूद किसी भी ग्रामीण ने उसकी मदद नहीं की। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची लेकिन ग्रामीणों ने विनोद पर गांव में चिट्टा बेचने के आरोप लगाते हुए उसे अस्पताल नहीं ले जाने दिया। एक घंटे की कड़ी जद्दोजहद के बाद पुलिस विनोद को सरकारी अस्पताल ले जा पाई।
ऐसे वारदात; गाड़ियों में आए हमलावर
सैकड़ों की तादाद में अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने 3 घंटे तक रोकी एंबुलेंस

चिट्टासप्लायर विनोद को पीटने के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सैकड़ों की तादाद में गांववाले अस्पताल पहुंच गए। डाॅक्टरों के जैसे ही उसे एंबुलेंस में डालकर रेफर करना चाहा तो ग्रामीणों ने एंबुलेंस को घेर लिया। 3 घंटे बाद शाम करीब 4 बजे ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ, जिसके बाद जख्मी विनोद को फरीदकोट ले जाया गया, जहां देर शाम उसने दम तोड़ दिया।


Share it

By news

Truth says it all

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *