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एम4पीन्यूज|चंडीगढ़ 

नशे के मुद्दे पर अकाली-भाजपा सरकार को उलाहने देने वाली कांग्रेस अब सत्ता में है। पंजाब को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस की सरकार ने इस दिशा में कोशिश शुरू कर दी है। अपने मैनिफेस्टो में किए वादे के मुताबिक़ कैप्टन सरकार ने विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स की जिम्मेदारी एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू को सौंपी गई है।

सीएम अमरिंदर ने नशे पर लगाम लगाने के लिए हरप्रीत सिंह सिद्धू को पूरी आज़ादी दी है। वो अपने तरीके से पंजाब के दामन पर लगे नशे का दाग धुलने का काम करेंगे। अमरिंदर ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से STF के प्रगति की निगरानी करेंगे। ताकि वो यह सुनिश्चित कर सके कि उनकी सरकार कि ओर से 4 हफ़्तों में पंजाब को नशा मुक्त बनाने का जो वादा किया है, वो पूरा किया जा सके।

सिद्दू ने औपचारिक रूप से सोमवार को एसटीएफ का पदभार संभाला और सरकार के वादे को पूरा करने के लिए शपथ ली। मालूम हो कि हरप्रीत सिंह सिद्धू  1992  बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। जो लंबे समय से छत्तीसगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर हैं। सिद्धू को पंजाब सरकार ने वापस बुला लिया है। सिद्धू पंजाब के वह आईपीएस अफसर हैं जिन्होंने पंजाब पुलिस के जवानों को मानवता का पाठ पढ़ाते हुए फोन पर बातचीत करते समय श्रीमान जी कहने का अभियान शुरू करवाया था। अब सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नशे पर लगाम लगाने के लिए एक 24X7 हेल्प लाइन नंबर 181 जारी  किया गया है। जिस पर आप नशे से संबंधित किसी घटना की रिपोर्ट कर सकते हैं।


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