New year : खाली सीटों पर मिलेगा “इतने फीसदी डिस्काउंट” देगा रेलवे, 6 महीने तक मिलेगा फायदा


एम4पीन्यूज।दिल्ली 

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को न्यू इयर गिफ्ट देते हुए चार्ट बनने के बाद सभी यात्री ट्रेनों में खाली सीटों पर इतने पर्सेंट छूट देने का ऐलान किया है।

चार्ट तैयार होने से पहले बिक्री किए गए अंतिम टिकट के मूल किराए पर 10 पर्सेंट की छूट लागू होगी। हालांकि रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज आदि में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। इससे पहले रेलवे ने राजधानी, दूरंतो और शताब्दी ट्रेनों में ही सीटें खाली रहने पर इस तरह की छूट का ऑफर दिया था। रेलवे का यह ऑफर 1 जनवरी, 2017 से शुरू होने वाला है।

इस स्कीम को रेलवे ने फिलहाल 6 महीने के लिए ही लागू करने का फैसला लिया है। उसके बाद इसे विस्तार देने या फिर बंद करने को लेकर फैसला लिया जाएगा। टीटीई के द्वारा रेल में (यात्रियों के ना आने के कारण) खाली हुई बर्थों के आवंटन पर भी 10% छूट लागू होगी ।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक ट्रेनों में सीटें खाली रह जाने के चलते रेलवे ने यह फैसला लिया है। इससे पहले रेलवे ने प्रीमियम ट्रेनों में चार्ट बनने के बाद 10 पर्सेंट की छूट का ऐलान किया था। पहले चार्ट बनने के बाद यात्री खाली सीटों के लिए मूल किराये का 50 पर्सेंट अधिक देकर सीट की बुकिंग करा सकते थे, लेकिन अब उन्हें 40 पर्सेंट अधिक ही चुकाना होगा।

142 ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर में मिलेगी छूट :
– 17 दिसंबर को रेलवे ने कहा था कि वो शताब्दी, राजधानी, दुरंतो एक्सप्रेस की 142 ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम के तहत पहला चार्ट बनने के बाद बची सीटों के लिए करंट बुकिंग पर किराए में 10% की छूट देगा। खुद टीटीई पैसेंजर को 10 फीसदी कम किराए पर टिकट बनाकर देगा।
– जानकारी के मुताबिक तत्काल कोटे की बची सीटों को सामान्य सीट में बदल दिया जाएगा। छूट देने की वजह कई सीटों का खाली होना बताया गया है।
– रेलवे ने 9 सितंबर से प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम की शुरुआत की थी। इसकी वजह कई सीटों/बर्थों का खाली रहना बताया गया था।
– अक्टूबर के अंत में सिस्टम का रिव्यू किया गया। इसके बाद रेलवे ने तय किया कि राजधानी, दुरंतो और शताब्दी एक्सप्रेस में 50% तक बढ़ने वाला बेस फेयर 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा।

क्यों लाया गया फ्लेक्सी फेयर सिस्टम? :
– रेलवे की इस पहल से लोग फ्लाइट की ओर ज्यादा जाएंगे। सरकार चाह भी यही रही है, ताकि ट्रेनों पर से कुछ हद तक दबाव कम हो सके।
– हालांकि, इससे रेलवे में टिकट बुक कराने वाले दलाल भी ज्यादा कमाई करने लगेंगे, क्योंकि वे अब कंज्यूमर से ज्यादा चार्ज करेंगे।
– बता दें कि देश में 54 दुरंतो, 42 राजधानी और 46 शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें हैं।

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