56 दिन की सरकार में 16 किसानों ने की आत्महत्या


56 दिन की सरकार में 16 किसानों ने की आत्महत्या
56 दिन की सरकार में 16 किसानों ने की आत्महत्या

कर्ज माफी का वादा कर सत्ता में आई है कैप्टन सरकार

एम4पीन्यूज | चंडीगढ़।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कर्ज माफी पर राहत देने का वायदा किया। 16 मार्च से सत्ता में आई कैप्टन सरकार 10 मई तक सरकार को 56 दिन हो गए। इस दौरान मालवा में 16 किसानों ने आत्महत्या की। इसमें सर्वाधिक 5 किसानों ने आत्महत्या मानसा जिले में की है। वही बठिंडा में 4 तो संगरूर में तीन किसान आत्महत्या कर चुके हैं। मुक्तसर में दो, फिरोजपुर में एक तो बरनाला में दो किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुए हैं।

किसानों की बदहाली के लिए सरकार जिम्मेवार

इधर,भारतीय किसान यूनियन के सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा कि पंजाब में सालाना करीब 750 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे मामलों में मालवा के संगरूर, मानसा, बठिंडा, लुधियाना, मोगा, बरनाला जिलों की हालत ज्यादा नाजुक है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले किसानों को राहत देने की बात कही लेकिन अब आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर कर्ज माफी पर कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है।

वहीं प्रशासन किसानों को पराली जलाने के मामले में किसी तरह की राहत देने की बजाय परेशान किया जा रहा है। भूमि ठेके पर लेने वाले किसानों पर टैक्स लगाने की तैयारी हो रही है।

10 मई कोलहरा बेगा में किसान ने पटवारी से आहत हो आत्महत्या कर ली।

10 मई कोदोदा वासी जगतार सिंह ने ठगी से परेशान नहर में कूदकर जान दी।

8 मई कोगांव भैणी बाघा के गुरनैब सिंह गांव जोगा के गुरचरन सिंह ने जान दी।

7 मई कोबठिंडा के गांव चाओके में एक किसान ने घर में खुदकुशी कर ली।

6 मई कोसंगरूर में दुगां निवासी हरी सिंह (55) ने जहर पीकर आत्महत्या की।

6 मई कोकौर सिंह (62) निवासी गांव जोधपुर ने कीटनाशक पीकर जान दी।

5 मई कोउड़त भगत राम के बलजीत और रंगढिय़ाल के बेअंत ने खुदकुशी की।

4 मई कोबरनाला में सुखचैन सिंह निवासी गांव छीनी वाल ने खुदकुशी की।

1 मई कोटीचर होम में धरने पर किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

25 अप्रैल कोगांव लेहल कलां में किसान ने खेत में जहर खाकर जान दी।

25 अप्रैल कोगांव जवाहरवाला के किसान जसवंत सिंह (30) ने जान दी।

3 अप्रैल कोबठिंडा के एक किसान ने रेलगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी।

17 मार्च कोजीरा के गांव तलवंडी जल्ले खां में किसान ने खेतों में फंदा लगाया।

14 मार्च कोगांव बुर्ज ढिलवां के मजदूर ने खुदकुशी कर ली।

13 मार्च मैहनावासी कुलवंत सिंह(25) ने जहरीली दवा पीकर आत्महत्या की।

Courtesy: Dainik Bhaskar

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