आकांक्ष मर्डर केस: कातिलों से दूर UT पुलिस, 4 दिन बाद भी खाली हाथ

एम4पीन्यूज। चंडीगढ़  

हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष के कातिल हरमहताभ सिंह उर्फ फरीद और बलराज रंधावा को तलाशने में यूटी पुलिस के दिग्गज अफसर नाकाम साबित हो रहे हैं। जिस कार से अकांक्ष का कत्ल किया गया, उस बीएमडब्ल्यू कार को भी पुलिस अभी तक बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस ने आकांक्ष के दोस्तों को फिर से जांच में शामिल किया है। पुलिस की टीम खन्ना से बठिंडा, चंडीगढ़ से दिल्ली और बाहरी राज्यों में दबिश दे रही है।

पुलिस अफसरों ने हालांकि आकांक्ष के हत्यारों के गोवा में फरार होने तथा उन्हें खन्ना से हिरासत में लिये जाने की सूचनाओं को अफवाह बताया। अफसर हालांकि हत्यारों हरमहताभ सिंह और बलराज सिंह रंधावा की गिरफ्तारी के लिये गठित की गई एसआईटी से पल-पल की सूचना ले रहे हैं। लेकिन अभी भी उनके पास कोई एेसा सुराग नहीं है, जोकि उन्हें आरोपी तक पहुंचा सके।

पुलिस ने ट्राईसिटी की सभी मार्केटों और खन्ना व लुधियाना पुलिस की मदद से वहां की मार्केटों में भी बीएमडब्ल्यू का नंबर फ्लैश करवा दिया है। पुलिस ने कार को बरामद करने के लिए पंजाब व हरियाणा के सभी टोल प्लाजा को भी अलर्ट कर रखा है। ताकि अगर किसी टोल से बीएमडब्ल्यू गुजरे, तो उसे पकड़ा जा सके।
हिमाचल पुलिस भी हासिल कर रही इन्फॉर्मेशन :
आरोपियों की हिमाचल पुलिस का एक स्पेशल विंग भी अलग से जांच कर रहा है। उनको हिदायतें हैं कि आरोपी वाॅन्टेड है और उनको उनकी इन्फॉर्मेशन मिले तो वे पकड़कर चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दे।

दरअसल अब तक यूटी पुलिस की नाकामी के चलते अकांक्ष की फैमिली और सीएम वीरभद्र की फैमिली का पुलिस से विश्वास उठ रहा है। सीएम वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य तो यूटी पुलिस पर पहले ही पंजाब के पॉलीटिकल प्रेशर में होने के आरोप लगा चुके हैं। उनके मुताबिक पुलिस आरोपियों काे भागने का पूरा मौका दे रही है।

Leave a Comment

Jun 08, 2026 02:22 PM IST
Ad